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 16 अप्रैल 2001

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कहानियों में
चंद्र मोहन प्रधान की कहानी खिड़की

21 फरवरी है आज।  आज से पाच साल पहले उसने यहींऋ इसी वेटिंग रूम में कुछ देर ठहर कर बनारस वाली गाड़ी पकड़ी थी।  ठीक ही कहा गया हैऋ इतिहास अपने को दुहराता है। चित्रा से उसकी पहली भेंट भी इसी 21 फरवरी को हुई थी।  उन दिनों ये यहाऋकॉलेज के एक ही वर्ष में थे।  विषय था दर्शन शास्त्र।  

साहित्य संगम में

सुप्रसिद्ध कवियित्री एवं लेखिका अमृता प्रीतम की पंजाबी कहानी
एक जीवी एक रत्नी एक सपना

उस स्त्री ने अपने बच्चे की मुठ्ठी खोलकर पालक के पत्तों को छुडा़ते हुए घूरकर देखाऋ पर उसके होठों की हंसी उसके चेहरे की सिल्वटों में से उछलकर बहने लगी।  सामने पड़ी हुई सारी तरकारी पर जैसे उसने हंसी छिड़क दी हो और मुझे लगाऋ ऐसी ताज़ी सब्जी कभी कहीं उगी नहीं होगी।  
 

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प्रकृति पर्यटन
में महेन्द्र सिंह रंधावा के लेख ऋतुओं की झांकी की दूसरी किस्त ग्रीष्म ऋतु

 

कविताओं की पत्रिका

अनुभूति में

हर रोज़ एक गुनगुनी रचना के साथ

 

साहित्यिक निबंध
में
प्रसिद्ध समाज शास्त्री
प्रो श्यामाचरण दुबे द्वारा गोविंद वल्लभ पंत समाज संस्थान द्वारा आयोजित 'साहित्य एवं सामाजिक परिवर्तन' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में दिए गए व्याख्यान पर आधारित लेख 
साहित्य का सामाजिक प्रभाव

 

संस्मरण  में
नरेन्द्र पुण्डरीक का आलेख
 जीवन सत्य के उद्घोषक थे
केदारनाथ

 

हास्य व्यंग्य  में
प्रेम जन्मेजय का तीखा व्यंग्य 
ये पीड़ित जनम जनम के

 

पिछले अंकों से

दो पल में
तत्व की तलाश में


घर परिवार में
जीवन का नया अंदाज़
तनाव मुक्त जीवन
 

कला दीर्घा में
भारतीय लोक कलाओं से परिचय की श्रृंखला में तंजावुर शैली के बारे में रोचक जानकारी
 

स्वाद व स्वास्थ्य
में
कमाल के केले में केले के गुणों की चर्चा
 

रसोईघर
में एक अनोखी आइसऋम
हिम कदली
 

पर्व परिचय
 
में 
अप्रैल माह के पर्वऋ मेलों और उत्सवों के विषय में
 

फुलवारी
में गौरव गुप्ता की कहानी
गल्लू सियार का लालच
और सुषमा श्रीवस्तव की कविता
बंदर मामा
 

प्रेरक प्रसंग
में प्रेरणाप्रद प्रसंगों के ख़ज़ाने का एक और मोती
कानून का पालन

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"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरूचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों  अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुर्नप्रकाशन की अनुमति नहीं है।यह पत्रिका प्रतिसप्ताह परिवर्धित होती है।

प्रकाशन : प्रवीन सक्सेना  परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
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  सहयोग : दीपिका जोशी
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प्रबुद्ध कालिया