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हनुमान
जी के लघु रूप की कथा याद आ गई। समुद्र पार करते समय उनकी
मुलाकात सुरसा नामक राक्षसी से हुई थी। जहाँ हनुमान जी
पहले तो बहुत बड़ा रूप कर लेते है जिससे राक्षसी उन्हे खा
न पाए। फिर इतने छोटे हो जाते हैं सुरसा के मुँह से उनके
पेट मे जाकर वापस आ जाते हैं।
जिसने भी यह शो पीस डिजाईन किया है, जरूर पहाड़ों से उसका
गहरा लगाव रहा होगा। जिस तरह से उसने इन चट्टानो को लघु
रूप (हनुमान जी की याद आना तो बनती थी) दिया है और इन
चट्टानो को तराशा है, इसके किनारो पर नालियाँ सी बनाई है
पानी प्रवाह के लिए, लगता है उसे जलप्रपात भी बहुत भले
लगते होगें।
पहाड़ो के इस लघु रूप ने "द ग्लेन शापिंग सेंटर" के प्रवेश
स्थल को बहुत ही आकर्षक बना दिया है।
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रतन
मूलचंदानी
१ अप्रैल २०२६ |