व्यक्तित्व

अभिव्यक्ति में
हरिकृष्ण कौल की
रचनाएं

साहित्य संगम में
अढ़ाई घंटे

 


हरिकृष्ण कौल  

 

जन्म 22 जुलाई 1934 को श्रीनगर में।

शिक्षा कश्मीर विश्वविद्यालय से एम फिल।

कार्यक्षेत्र अध्यापन और हिन्दी व कश्मीरी में लेखन।

प्रकाशित रचनाएं
कश्मीरी में तीन कहानी संग्रह   प्रकाशित 'पत लारान पर्वत' 1972 में, फिर 'हालस छू रोतुल' तथा तीसरा 'यथ राज़दाने'। 'यथ राज़दाने' पर साहित्य अकादमी का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।.

हिन्दी में तीन कहानी संग्रह 'इस हम्माम में', 'टोकरी भर धूप' और 'अरथी' प्रकाशित।

आलोचनाः फणीश्वरनाथ रेणु की कहानियां : शिल्प और सार्थकता