गाजर
को धो कर साफ कर लें। गाजर के पतले पतले स्लाइस/ गोल
चिप्स के जैसे काट लें। हरी मिर्च को धो लें। मिर्च का
डंठल हटा लें और मिर्च को भी गाजर के जैसे गोल गोल काट
लें।
एक
कटोरे में तेल, सिरका, नमक, लाल मिर्च, हल्दी, और कुटी
सरसों लें। सभी सामग्री को अच्छे से मिलाकर इसमें गाजर
और मिर्च डालें और मसालों को अच्छी तरह गाजर और मिर्च
में लिपट जाने दें।
इस
अचार को साफ और सूखे काँच के मर्तबान में रखें। इस
अचार को एक दो दिन धूप भी दिखा सकते हैं। धूप में न भी
रखें तो एक दो दिन बाद अचार को ढँक कर अलग रखने से
अचार में राई का स्वाद चढ़ जाता है और यह स्वादिष्ट
लगता है।
यह
अचार पराठों के साथ बहुत अच्छा लगता है। इसे दाल चावल
या फिर किसी भी तरह के उत्तर भारतीय खाने के साथ परोसा
जा सकता है।
आप
इस अचार को कुछ महीनों तक रख कर इस्तेमाल कर सकते हैं।
टिप्पणी-
इस अचार
में सिरके का प्रयोग वैकल्पिक है। मैंने सिरका डाला है
क्योंकि सिरके के प्रयोग से अचार ख़राब नहीं होता है।
अचार
बनाने के लिये इस्तेमाल की जाने वाली सब्जियों को अगर धूप
या फिर हवा में कुछ देर सुखा लें तो इससे उनका अतिरिक्त
पानी निकल जाता है और अचार लम्बे समय तक ख़राब नहीं होता
है। इस अचार के लिये अगर आपके पास वक्त नहीं है गाजर और
मिर्च धूप दिखने का तो कृपया अचार को बनाने के बाद फ्रिज
में रखें और हफ्ते-१० दिन में इसे इस्तेमाल कर लें।