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तनावमुक्त
जीवन
- गृहलक्ष्मी
आज तेज दौड़ती दुनिया और मानसिक
तनाव ये दोनों एक दूसरे के पर्याय हैं। न दौड़ती दुनिया रुकती
है और न मानसिक तनाव! ऐसे ये तनाव ग्रस्त जीवन से मुक्त कैसे
रहें? या तो आप इतने व्यस्त हो जाएँ कि प्रतिक्रिया को समय ही
न मिले या फिर इतने कठोर कि भावनाओं को कुचल डालें! ये दोनों
ही तरीके स्वास्थ के लिये हानिकारक हो सकते हैं। आइये कुछ
कारगर तरीकों की बात करें जो मन मस्तिष्क को शांत रखें, चित्त
को प्रफुल्लित करें और जिनका उपयोग हर जगह आसानी से किया जा
सके।
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शान्त हो
कर बैठ जायें। तनाव को स्थिर होने दें। योग, ध्यान या
ताईची की मुद्राओं का अभ्यास करें।
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हफ्ते
में कम से कम एक बार सिर की मालिश करें। मौसम के
अनुसार शीत या गर्म स्नान ले लें।
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आफिस के
कपड़े, जिन में दिन भर का तनाव झेला था बदल डालें, ढीले,
मुलायम और आरामदायक कपड़े पहन लें। आँखें बन्द करें थोड़ा
आराम कर लें, सोचें कि आपको अपने लिये भी समय की आवश्यकता
है।
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तनाव के
विषय में शांत होने के बाद शांत वातावरण में बात करें।
विषय को व्यस्त हो कर नज़रअंदाज न करें।
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आत्महीनता से मुक्ति पाएँ, बेचारगी से बचें, दूसरों से
अपेक्षा करने के बजाय जो चाहते हैं, स्वयं करें। दूसरों की
सहायता करने की बजाय दूसरों से सहायता माँगे।
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अपना
आत्मविश्वास बढ़ाएँ, जिस बात की कमी नज़र आए उसे सीखें और
अपनी कमियों को दूर कर लें। आत्मसम्मान की भावना रखें।
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अवसाद के
क्षणों में व्यायाम करें या ध्यान करें। कुछ आयुर्वेदिक
पेय जैसे ठंडाई, बदाम या खस का शर्बत, नींबू या संतरे की
चाय या ठंडी कॉफी कमाल का काम कर सकते हैं।
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भोजन में
पौष्टिक पदार्थों की ओर ध्यान दें, सलाद और हरी सब्जियों
को शामिल करें।
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अपने
चक्रों की शक्ति को जगाएँ। सात प्रमुख चक्रों को हल्की
मालिश दें।
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धर्म में
अंधविश्वास के स्थान पर उसकी वैज्ञानिक और सामाजिक
उपयोगिता पर ध्यान रखते हुए किसी धर्म का नियमित पालन
करें।
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भारतीय
शास्त्रीय संगीत सुनें। यह स्नायुओं के भीतर तक समा कर
उन्हें शांत करता है।
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आठ घंटे
की पूरी नींद लें। अगर रात में अच्छी तरह नहीं सो पाएँ तो
दिन में थोड़ी देर सोने का समय निकालें।
इनमें से जो
भी सुझाव पसंद आएँ उनका पालन करें। आज के ही दिन से अधिक शांति
और अधिक सुख की ओर कदम बढ़ाएँ और घर परिवार में आनंद बढ़ायें।
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