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रंगों से बदलें दुनिया
- दीपिका जोशी 

रंगों का मौसम है। प्रकृति में छा रहे हैं नए-नए रंग और बदल रहे हैं इसके स्वरूप को। क्या आपने कभी सोचा है कि इसी तरह घर के स्वरूप को भी रंगों से बदला जा सकता है। प्रकृति के रंग बदलते ही मौसम सुहावना हो उठता है तो आइए इस बार रंगों के मौसम में घर के रंगों को बदलें और ले आएँ घर में भी मौसम का सुहानापन!

रंगों को दो भागों में बाँटा जा सकता है। एक होते हैं गहरे और गरम, दूसरे होते हैं शीतल या हल्के। गरम रंग ऊष्मा प्रदान करते हैं और हल्के रंग शांति। गहरे रंग जगह घेरते हैं और हल्के रंग जगह बनाते हैं। इस बात को इस तरह समझें कि जब कमरे को रंगना हो तो कमरा बड़ा दिखाई दे इसके लिए हल्के रंग का प्रयोग करें और जगह बहुत बड़ी है उसको छोटा दिखाना है तो गहरे रंगों का प्रयोग करें।

हरा और नीला रंग शीतल समझे जाते हैं लेकिन गहरा हरा और गहरा नीला, लाल रंग की तरह ही जगह को छोटा करते हैं। इसके विपरीत पीला रंग गरम समझा जाता है लेकिन उसका बहुत हलका शेड कमरे के आयतन को बढ़ाता है। इस प्रकार हम समझ सकते हैं कि न केवल रंगों के विभिन्न शेड बल्कि उनका गहरा और हल्का होना भी जगह के आयतन को प्रभावित करते हैं और मानव मन के मूड को भी। रंगों का गहरा या हल्का होना कमरे या घर के तापमान को भी प्रभावित कर सकता है।

यदि दो रंगों का इस्तेमाल किया है तो वे अलग प्रभाव डालते हैं। एकदम विपरीत या भिन्न, जैसे लाल और हरे रंग से कमरे की दीवारों को सजाया जाए तो लाल रंग ज़्यादा लाल और हरा रंग ज़्यादा हरा महसूस होगा। दो रंगों का मेल करते समय संतुलन रखना चाहिए। हर रंग हल्के से हल्का और गहरे से गहरा बनाया जा सकता है। हर रंग-संयोजन में एक विपरीत रंग है। रंगों के घनत्व के हिसाब से पीला सबसे हल्का और जामुनी सबसे गहरा माना गया है। अगर अधिक घनत्व वाले रंग का प्रयोग करना ही है तो उसका शेड बिलकुल हल्का कर देना चाहिए।

कमरे की दीवारों के रंग के साथ कमरे के फ़र्निचर का रखरखाव और उसका रंग कमरे की सजावट में महत्वपूर्ण है। सागर जैसे नीले रंग की दीवारों के साथ सफ़ेद रंग में लकड़ी का काम और तख्तपोश कमरे को कम लंबा दर्शाते हैं। गहरे सुनहरे पीले रंग के साथ यदि सफ़ेद लकड़ी का काम, सफ़ेद रंग का फ़र्नीचर और तख्तपोश रखा जाय तो गहरे रंग के बावजूद भी कमरे को लंबा-चौड़ा महसूस कराते हैं। साथ के कमरे में लाल रंग की दीवारों के साथ सफ़ेद दरवाज़े, सफ़ेद पर्दे और सफ़ेद मेज़पोश कमरे को हल्के और गहरे रंग का सही संतुलिन प्रदान कर रहे हैं।

बक्से जैसा चौकोर कमरा हो तो वह लुभावना नहीं लगता। इसलिए दो से ज़्यादा रंगों से दीवारों को रंगा जा सकता है ताकि दीवारें कुछ अलग नाप की लगें और कमरा आयताकर दिखे। जिस दीवार को आप लंबा दिखाना चाहता हैं उसे और इसके समानांतर दीवार को हल्का रंगें। बाकी दोनों दीवारों को थोड़ा गहरा। कमरा अधिक लंबा हो तो कमरे में सामने दिखाई देने वाली दीवार हल्के रंग की हों और बाजू वाली दो लंबी दीवारें गहरे रंग की हों। सामने हल्के रंग की दीवार होने से पहले नज़र में आएगी और लंबी दीवारें थोड़ी छोटी लगेंगी।

कमरे में जिस चीज़ को प्रमुखता से दिखाना है उसका रंग विपरीत हो तो सबकी नज़र उस पर जाती है। मान लीजिए लाल रंग का सोफा है, तो उसके पीछे की दीवार हरी या पीली हो तो सोफ़े की ओर सबका ध्यान जाएगा। बाकी दीवारों के लिए हल्के रंग से सजा सकते हैं। सफेद रंग सभी रंगों के साथ विपरीत रंग का अच्छा काम करता है। अत: अनेक रंगों के साथ इसका प्रयोग हो सकता है। छत के लिए रंगों का चयन उसकी ऊँचाई को ध्यान में रख कर करना चाहिए। कमरे की ऊँचाई कम हो तो हल्के रंगों का प्रयोग ठीक रहता है। कमरे की दीवारें सफ़ेद हैं तो कमरे की छत को दूसरा रंग दिया जा सकता है।

यदि एक ही बड़े से कमरे में रसोई, दिवानखाना और ऑफ़िस को समेटा गया हो, और इन्हें एक दूसरे से अलग दिखाना चाहते हैं तो दो से ज़्यादा रंगों द्वारा किया जा सकता है, और वह इस तरह कि, कमरे के हर उस अलग-अलग हिस्से को अलग रंग दिया जाए। रंगों पर सूरज की रोशनी का भी असर होता है। यह असर जांचने के लिए एक कार्ड बोर्ड पर जो रंग आप देना चाहते हैं उसे ब्रश से लगा कर उस दीवार के पास रख कर देख सकते हैं जिसपर ये रंग लगाना है। कई रंगों के बोर्ड बना कर देखें। इससे आपको रंगों के चयन में आसानी होगी।

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