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बागबानी
कुछ उपयोगी सुझाव
८- पानी की आवश्यकता
हर पौधे को पानी की आवश्यकता होती है लेकिन
किसी पौघे को कम पानी चाहिए होता है तो किसी को अधिक। यदि
कोई नया पौधा लगाएँ हैं तो यह जानकारी ले लें कि उस पौधे
में कितनी मात्रा में पानी देना है। तेज धूप में पौधों में
पानी न डालें। सभी पौधों में सुबह या शाम को ही पानी दें
क्योंकि पौधों में पानी लगाने का यह आदर्श समय है।
२० फरवरी २०१२
७- पौधों को खरीदने से
पहले
यह निश्चित कर लेना आवश्यक है कि जो पौधे
लेने हैं, घर में उनका स्थान कहाँ रहेगा। ऐसे पौघों का
चुनाव करें जो आपके घर के अनुरूप हो। घर के अंदर और घर के
बाहर के पौधों के लिए अलग अलग वातावरण की आवश्यकता होती
है, इसलिए पौधों को खरीदते समय सावघानी बरतें।
१२ फरवरी २०१२
६- सलीके से रखा जाय तो कुछ
भी बेकार नहीं होता-
एक पुराना
बर्तन, चौकी, तिपाई या गमला जो गंदा लगता हो या उपयोग में नहीं आ
रहा हो, फेंकने से पहले एक बार सोचें। उसे नया रंग लगाकर
नए पौधों से सजाकर बगीचे का रूप बदला जा सकता है।
६ फरवरी २०१२
५-
कंपोस्ट का कमाल-
बगीचे
या घास के मैदान को खाद देनी हो तो कम्पोस्ट से बेहतर कोई
साधन नहीं। इसे साल में दो तीन बार डालना चाहिये। कंपोस्ट
के कुछ विशेष लाभ इस प्रकार हैं-
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सुरक्षित और स्वाभाविक है और इसके बाद बगीचे में कोई
और खाद देने की आवश्यकता नहीं रहती।
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कंपोस्ट खाद में नाइट्रजन, फौसफोरस और पोटैशियम के
अतिरिक्त कुछ अन्य सुरक्षित पोषक तत्व भी हैं जो
रसायनिक खादों में स्वाभावक रूप से नहीं मिलते।
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गलती से अगर कभी यह अगर ज्यादा भी पड़ जाए तो घास
जलाती नहीं।
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यह
लान की सीढ़ियों और पैदल चलने वाले पक्के रास्ते पर
कोई निशान नहीं छोड़ती।
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अगर यह पूरी तरह तैयार हो तो दूसरी तरह के खादों की
तरह कोई दुर्गंध नहीं देती।
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यह
अपेक्षाकृत तेजी से काम करती है।
३० जनवरी २०१२
४- फ्लैट
में बगीचा
अगर फ्लैट में बगीचा लगाने के लिये मिट्टी
बिछाने की जगह नहीं तो भी बगीचे के शौकीनों को निराश होने
की आवश्यकता नहीं। छोटी सी बालकनी में भी बाग बनाया जा
सकता है। इसके लिये गमलों के लिये विशेष रूप से तैयार की
गई मिट्टी (पाटिंग सायल) का प्रयोग करें। यह पौधों के लिये
स्वास्थ्य वर्धक होती है और वजन में बहुत कम। साथ ही गमले
इस प्रकार के चुनें जो आपकी बालकनी के रंग, आकार,
साज-सज्जा तथा पौधे की आवश्यकता के अनुरूप हों।
२३ जनवरी २०१२
३- पत्तों
पर धूल न जमने दें।
पत्तियों पर जमी धूल रोमछिद्रों को बंद कर सकती है जो, वृक्ष के स्वास्थ्य के लिये अच्छा नहीं है। इसलिये अगर
पत्तियों पर धूल दिखे तो उसे फुहारे से नहला दे। सूखी
पत्तियाँ छाँट दें और पौधे को सही आकार दे दें। पौधा खिल
उठेगा।
१६ जनवरी २०१२
२-
दूसरी खाद का समय
जनवरी में अधिकतर एशियाई देशों के बगीचे मौसमी फूलों से
भरे होते हैं। सितंबर अक्तूबर में जब इन फूलों के बीज बोए
गए थे तब मिट्टी तैयार करते समय खाद डाली गई थी।
अब जब उनकी आयु का आधा समय बीत चुका है वे बहार पर हैं
उनमें दूसरी बार खाद डालने का समय आ गया है ताकि वे अप्रैल
के अंत तक स्वस्थ और सुंदर बने रहें। खाद को मिट्टी पर
फैलाएँ और खुरपी से धीरे धीरे मिट्टी में मिला दें।
९ जनवरी २०१२
१- हाथों की सुरक्षा
बागबानी से न केवल हाथ की त्वचा पर असर पढ़ता है बल्कि उस
पर रोगाणुओं के हमले का डर भी रहता है। इसलिये बाग में काम
करते समय दस्ताने अवश्य पहनें और दस्ताने उतारने के बाद
किसी कीटनाशक साबुन से हाथ अच्छी तरह धो लें।
२ जनवरी २९१२ |