आज सिरहानेउपन्यासउपहारकहानियाँकला दीर्घाकविताएँगौरवगाथापुराने अंक
नगरनामारचना प्रसंगपर्व-पंचांगघर–परिवारदो पलनाटकपरिक्रमा पर्वप्रकृति
पर्यटन प्रेरक प्रसंगप्रौद्योगिकी फुलवारीरसोई लेखक विज्ञान वार्ता विशेषांकहिंदी लिंक
साहित्य संगमसंस्मरण साहित्य समाचार साहित्यिक निबंधस्वास्थ्य
हास्य व्यंग्य

 

vyai>%va

AiBavyai@t maoM
Aca-naa ponyaUlaI kI
rcanaaeM

khainayaaoM maoM
badla jaatI hO ija,ndga,I

 

Aca-naa ponyaUlaI 

janma : 17 ma[- 1963 kao kanapur¸ ]%tr p`doSa maoM.
iSaxaa : ko ,ema ,ko ,pI , ka^laoja sao baI ,esasaI ,¸ DI ,e ,vaI , ka^laoja sao ema ,esasaI ,va gaZ,vaala ivaSvaivaValaya iThrI sao baI ,eD , kI pZ,a[- sampnna.

kaya-xao~: 1987 maoM¸ ivavaah ko ]praMt mauMba[- inavaasa–pirvat-na huAa. vahaM naaO vaYaao- tk maaQyaimak skUlaaoM maoM AQyaapna ikyaa AaOr ]saI daOrana AsalaI laoKna kaya- Sau$ huAa. 1997 maoM mauMba[- sao Donamaak- Aagamana hao jaanao kI vajah sao iSaxaNa AaOr laoKna kaya- ka sqala Donamaak- hao gayaa. ihMdI va AMga`ojaI¸ daonaaoM BaaYaaAaoM maoM ivagat naaO–dsa saalaaoM sao inarMtr ilaK rhI hOM. ivaiBanna p~–pi~kaAaoM maoM pcaasa sao AiQak khanaI¸ laoK va kivataeM p`kaiSat hao caukI hO. pirvat-na SaIYa-k sao ek ]pnyaasa BaI p`kaiSat huAa hO.

saMpk-: archana@webspeed.dk

 

इस रचना पर अपनी प्रतिक्रिया लिखें - दूसरों की प्रतिक्रिया पढ़ें

Click here to send this site to a friend!

आज सिरहानेउपन्यासउपहारकहानियाँकला दीर्घाकविताएँगौरवगाथापुराने अंकनगरनामारचना प्रसंगपर्व पंचांग
घर–परिवार दो पलनाटक परिक्रमापर्व–परिचय प्रकृतिपर्यटन प्रेरक प्रसंगप्रौद्योगिकी फुलवारीरसोई लेखक
विज्ञान वार्ताविशेषांकहिंदी लिंकसाहित्य संगमसंस्मरणसाहित्य समाचारसाहित्यिक निबंधस्वास्थ्य
हास्य व्यंग्य

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9–16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।