मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार-पुरालेख-विषयानुसार-हिंदी-लिंक-हमारे-लेखक-लेखकों से
SHUSHA HELP // UNICODE  HELP पता- teamabhi@abhivyakti-hindi.org


नाव 

— शंभुदयाल सक्सेना
१ जनवरी २००२

  नैया मेरी बड़ी मज़े की
लहरों पर झूला करती
कागज़ की वह बनी हुई है
फूलों का बोझा भरती
1
गुड्डे गुड़ियों को ले जा कर
है तालाब दिखा लाती
परवा उसे न पतवारों की
बिन माझी आती जाती
1
आहा कितनी हल्की वह है
जल में है डूबती नहीं
कभी किसी ने देखी है क्या
ऐसी सुन्दर नाव कहीं ?
 
1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।

 

hit counter