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आप अपने किए गए कार्य को
हिंदी भाषा के आकारादि क्रम से ढूँढ़ नहीं सकते थे।
फ़ाइलों को अंग्रेज़ी में ही सहेजना आवश्यक होता था। इस
रास्ते से हर किसी को समस्या भी आ रही थी चूँकि प्राय: हर
एक ने अपनी सुविधानुसार हिंदी फ़ॉन्ट विकसित कर लिए थे।
उदाहरण के लिए, आप इंटरनेट पर एक हिंदी अख़बार के पृष्ठों
को किसी एक फ़ॉन्ट की सहायता से पढ़ पाते हैं तो दूसरे
अख़बार के पृष्ठों को पढ़ने के लिए आपको किसी अन्य फ़ॉन्ट
की आवश्यकता होती है। इतना ही नहीं, हिंदी में दर्जनों
अलग-अलग कुंजीपटल भी है जिसके कारण किसी एक प्लेटफ़ॉर्म पर
कार्य करने वाले व्यक्ति को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर कार्य
करने में ख़ासी असुविधा हो जाती है। इन समस्याओं को हल
करने के लिए विश्व की प्रमुख भाषाओं को विश्व मानकी करण
करने हेतु यूनिकोड मानक का गठन किया था। इसी यूनिकोड हिंदी
फ़ॉन्ट को आधार बनाकर विश्व में सर्वाधिक प्रचलित दो
ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज़ एक्स-पी तथा लिनक्स को हिंदी
संस्करणों में कुछ समय पूर्व जारी किए गए हैं।
विंड़ोज एक्स पी के हिंदी
संस्करण को लगभग '20 प्रतिशत' हिंदी कृत कर लिया गया है जो
कि लगभग '80 प्रतिशत' कार्यों में उपयोग में आता है। शेष
बड़ी-बड़ी सहायता फ़ाइलें या त्रुटि संदेश हैं, जो ज़्यादा
काम नहीं आते हैं, उनका भी हिंदी अनुवाद-कार्य जारी है।
विंड़ोज एक्स पी का हिंदी संस्करण अलग से जारी नहीं किया
गया है, परंतु उसका हिंदी भाषा इंस्टालर पैक
(LIPSETUP.MSI)
जो कि 5.1 मेगाबाइट की फ़ाइल है, माइक्रोसॉफ्ट की वेब साइट
पर मुफ़्त डाउनलोड हेतु उपलब्ध है, जिसे विंड़ोज़ एक्स पी
के सर्विस पैक 1 युक्त संस्करण पर आसानी से संस्थापित किया
जा सकता है। इसमें आपको प्रारंभिक लॉगिन विंडो से लेकर
नियंत्रण फलक (कंट्रोल पेनल) तक प्राय: सभी प्रोग्राम
हिंदी में चलाने हेतु मिलते हैं। कुछेक त्रुटि संदेशों तथा
मदद संदेशों को छोड़कर, जो अभी अनुदित नहीं हो पाए हैं,
शेष में संपूर्ण वातावरण हिंदी में प्राप्त होता है। एक
अरब से अधिक की जनसंख्या वाले देश भारत के लिए जिसमें
अधिसंख्य हिंदी भाषी है, और जिसका कंप्यूटर क्षेत्र में
ख़ासा योगदान है, उसकी अपनी भाषा-हिंदी में अब तक कोई
आपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं था, निश्चित ही यह ख़बर
उत्साहित और आशान्वित करने वाली है।
इसी प्रकार, विश्व
प्रसिद्ध सर्वर आपरेटिंग सिस्टम, लिनक्स जो कि मुफ़्त
उपलब्ध है, अब डेस्कटॉप के लिए भी उतना ही लोकप्रिय हो चला
है, और जिसको मध्य-प्रदेश, भारत के 2500 से भी अधिक
स्कूलों में भी संस्थापित किया गया है, अपने हिंदी संस्करण
के साथ उपलब्ध है। इसमें भी आपको सारा वातावरण हिंदी में
मिलता है, और आप लगभग सारा कार्य हिंदी में कर सकने में
सक्षम होते हैं। लिनक्स हेतु उपलब्ध ग्नोम डेस्कटॉप
वातावरण का एसेंशियल फ़ाइलों का 85 प्रतिशत हिंदी में
अनुवाद किया जा चुका है तथा कोई केडीई डेस्कटॉप को 90
प्रतिशत हिंदी में लाया जा चुका है। हिंदी लिनक्स भी हिंदी
विड़ोज़ एक्स पी की तरह का आपरेटिंग सिस्टम है, जिसमें आप
सभी कार्य, जिसमें इंटरनेट पर सर्फिंग, ई-मेल तथा चैट
इत्यादि सम्मिलित है, हिंदी भाषा में ही हिंदी वातावरण में
कर सकते हैं तथा इसके लिए अंग्रेज़ी के ज्ञान की कतई कोई
आवश्यकता नहीं होती। यहाँ यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि
हिंदी लिनक्स पूर्णत: मुफ़्त में उपलब्ध है, जिसे
इंडलिनक्स.ऑर्ग की वेब पृष्ठ से उतारा जा सकता है, जहाँ पर
विंड़ोज़ एक्स पी एक व्यावसायिक उत्पादन है, लिनक्स सारे
विश्व में स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत ग़ैर व्यावसायिक,
सभी के मुफ़्त उपयोग हेतु उत्पादन है। लिनक्स ऑपरेटिंग
सिस्टम भारत की अन्य भाषाओं यथा तमिल, बंगाली, पंजाबी,
गुजराती, मराठी, मलयालम इत्यादि भाषाओं में भी जारी किया
जा चुका है तथा इसके उड़िया तथा तेलुगु संस्करण पर कार्य
जारी है।
भारतीय भाषाओं, ख़ासकर
हिंदी की लोकप्रियता तथा संभावनाओं को मद्देनज़र रखते हुए
माइक्रोसॉफ्ट ने अपना अत्यंत लोकप्रिय उत्पाद माइक्रोसॉफ्ट
ऑफ़िस हिंदी में जारी किया है। लिनक्स के लिए मुफ़्त उपयोग
हेतु माइक्रोसॉफ्ट ऑफ़िस जैसा ही उत्पाद ओपन ऑफ़िस है,
जिसे सीडेक बैंगलोर की हिंदी टीम ने हिंदी भाषा में
प्रस्तुत किया है। माइक्रोसॉफ्ट ऑफ़िस हिंदी का संपूर्ण
कार्य वातावरण हिंदी में हैं तथा इसमें ख़ास बात यह दी गई
है कि आप अपने किसी भी कुंजीपटल या फ़ॉन्ट में कार्य करते
हुए यूनिकोड आधारित पृष्ठ तैयार कर सकते हैं। इसमें यह
सुविधा भी दी गई है कि आप अपने पुराने कार्यों को भी
यूनिकोड आधारित पृष्ठों में परिवर्तित कर सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ऑफ़िस हिंदी
का हिंदी इंटरफ़ेस अच्छा तो है, परंतु कहीं-कहीं यह थोड़ा
क्लिष्ट भी है, अत: समझने में आपको थोड़ी-सी दिक्कतें आ
सकती हैं। इसके कुंजीपटल शॉर्टकट भी हिंदी में हैं जिससे
कि कुछ स्थानों पर तो सुविधा मिलती है, परंतु कहीं कहीं
आदतन पुराने कार्य करने वालों को असुविधा भी हो सकती है,
उदाहरण के लिए, फ़ाइल मेनू में जाने हेतु सामान्यत:
अंग्रेज़ी के आल्ट-एफ़ की जगह हिंदी में आपको आल्ट-शिफ्ट-फ
दबाना होगा। चूँकि अक्षर "फ" आपको पारंपारिक हिंदी
कुंजीपटल में शिफ्ट दबाने के उपरांत ही प्राप्त होता है।
वैसे यह कोई ख़ास मुश्किल वाला कार्य नहीं है, चूँकि सारा
वातावरण चित्रमय है, और आप अपनी सुविधानुसार कुंजियों को
तथा उनके शॉर्टकट्स को बदल भी सकते हैं।
माइक्रोसाफ्ट ऑफ़िस हिंदी
में वर्तनी और व्याकरण जाँचक भी है, जो अभी अपने
शैशवावस्था में हैं। हिंदी का स्वरूप संस्कृत से लिया गया
है, अत: सामान्यतया शब्द आपस में जुड़ते ही हैं। ऐसे
मामलों में माइक्रोसॉफ्ट ऑफ़िस का वर्तनी और व्याकरण जाँचक
भली प्रकार कार्य नहीं कर पाता है। फिर भी यह '98 प्रतिशत'
मामलों में वर्तनी सही दिखता है, कुछ मामलों में वर्तनी
स्वचालित सही भी करता है तथा इसमें दिया गया समानार्थी
शब्दों का भंडार स्तुति योग्य है।
जहाँ माइक्रोसॉफ्ट ऑफ़िस
हिंदी एक बेहतर उत्पादन है, वहीं ओपन ऑफ़िस हिंदी अभी कुछ
ठीक नहीं है, और इसमें इंटरफ़ेस से लेकर अनुवाद तक सभी में
सुधार की ख़ासी गुंजाइशें हैं। हालाँकि हिंदी के सभी कार्य
आप इसमें कर सकते हैं जिसमें स्प्रेडशीट से लेकर
प्रेजेंटेशन तक सभी सम्मिलित है। उसी प्रकार जहाँ हिंदी
विंडोज़ में आपको हिंदी के अन्य अनुप्रयोग जैसे कि आउटलुक
तथा इंटनेट एक्सप्लोरर के अलावा अन्य कुछ अधिक नहीं मिलें,
परंतु लिनक्स में ग्नोम तथा केडीई में आपको खेलों से लेकर
ब्राउज़र तथा इंस्टेंट मेसेंजर तक सभी हिंदी में उपलब्ध
है, जो लिनक्स को और भी ज़्यादा समृद्ध बनाते हैं।
देर से ही सही, आख़िरकार
अब आपका कंप्यूटर हिंदी भाषा में लिखने पढ़ने लग गया है
लिहाज़ा अब यह आम हिंदी भाषी (अन्य भारतीय भाषाओं में भी)
लोगों के दिलों से अपना अजनबीपना दूर भगा पाने में जल्दी
और कुशलता से कामयाब हो पाएगा।
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