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आइए यूनिकोड के साथ चलें

--रविशंकर श्रीवास्तव

क्या आपको पता है कि कंप्यूटर में काम करने के लिए 12 भारतीय भाषाओं के लिए 126 प्रकार के कुंजी पटल (की बोर्ड) विन्यास उपलब्ध हैं? अकेले हिंदी में ही दर्जनों कुंजीपटल विन्यास - शुषा से लेकर इनस्क्रिप्ट तक हैं। कंप्यूटरों के लिए हिंदी का आज भी कोई मानक (स्टैंडर्ड) कुंजीपटल नहीं है। अब तक अंग्रेज़ी फ़ॉन्ट को हिंदी रूप देकर और उसके आधार पर अपना नया कुंजीपटल विन्यास बनाकर लोगों ने छोटा रास्ता निकाला था, जिससे भला होने के बजाय नुकसान ही ज़्यादा हुआ। फिर किसी ने अपना माल मुफ़्त उपयोग के लिए भी जारी नहीं किया। वो तो भला हो भारतभाषा जैसी भली जगह से आए शुषा सीरीज के मुफ़्त फ़ॉन्ट का जिसके दम-खम पर आज अभिव्यक्ति, अनुभूति सहित हिंदी की कई साइटें बखूबी चल रही हैं।

परंतु यूनिकोड के प्रचलन में आने से हम में से प्रत्येक को अंतत: यूनिकोड फ़ॉन्ट का रास्ता पकड़ना ही होगा। इंटरनेट पर हिंदी में सर्च यूनिकोड पर ही संभव है और गूगल इसे साल भर से ज़्यादा समय से समर्थित कर रहा है। यूनिकोड आधारित रेडहेट लिनक्स के हिंदी संस्करण आ चुके हैं और अगले साल के प्रारंभ में विंडोज़ हिंदी का सस्ता स्टार्टर संस्करण आने से परिदृश्य में तेजी से परिवर्तन आएगा। अत: अभी तक जो भी हिंदी को अन्य किसी लिपि(फ़ांट) में लिखते आ रहे हैं, उनके लिए सुझाव है कि शुभस्य शीघ्रम!

यूनिकोड हिंदी समर्थन विंडोज़ 2000 या एक्सपी तथा लिनक्स के नवीनतम संस्करणों में ही उपलब्ध है अत: यह इसके प्रचलन में बड़ी बाधा है। अभी भी बहुत से कंप्यूटर उपयोक्ता विंडोज़ 98 का उपयोग करते हैं। परंतु यदि उन्हें जालघर के हिंदी संसाधनों में शामिल होना है तो उन्हें भी शीघ्र ही अपने विंडोज़ अद्यतन (अपडेट) कराने होंगे। अगर विंडोज़ अद्यतन करना वित्तीय रूप से संभव नहीं है, तो मुफ़्त में उपलब्ध लिनक्स आपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करना उचित होगा। रेडहेट का फेदोरा कोर 3 आउट ऑफ द बॉक्स हिंदी समर्थन देता है, यहाँ तक कि पुराने 500 में भी। हर्त्ज और 128 एम.बी रैम तक के कंप्यूटरों पर इसे आसानी से चलाया जा सकता है। इसकी संस्थापना भी पूरी तरह हिंदी वातावरण में रहकर की जा सकती है।

फ़ॉन्ट आधारित हिंदी मसलन कृतिदेव या शुषा से यूनिकोड हिंदी में बदलना अब तक आसान नहीं था। परंतु अब आपके पुराने कार्यों को यूनिकोड में परिवर्तन के लिए रूपांतर नामक एक प्रोग्राम तो है ही, कुछ अन्य पीएचपी स्क्रिप्ट तथा सी प्रोग्राम इंडिकट्रांस ऑ़र्ग में भी उपलब्ध हैं। ये प्रोग्राम मुफ़्त हैं तथा अच्छे ख़ासे परिणाम देते हैं। मैंने रूपांतर को अपने पुराने इस्की हिंदी फ़ाइलों की यूनिकोड में रूपांतरण के लिए अच्छा ख़ासा काम में लिया है।

रहा सवाल हिंदी कुंजीपटल विन्यास का, तो धन्यवाद एकबार फिर माइक्रोसॉफ्ट का। माइक्रोसॉफ़्ट के आईएमई 1 संस्करण 5 (भारतीय भाषाओं के लिए मुफ़्त डाउनलोड हेतु उपलब्ध) में आपको सात तरह के हिंदी कुंजीपटल विन्यास मिलते हैं। ये हैं ट्रांसलिट्रेशन, रेमिंगटन, गोदरेज, हिंदी टाइपराइटर आरबीआई, इनस्क्रिप्ट, वेब दुनिया तथा एंग्लो-नागरी। इनमें से कोई न कोई तो आप उपयोग कर ही रहे होंगे।  1 एम. बी. आ़कार के इस डाउनलोड को अपने विंडोज़ 2000 या एक्सपी तंत्र पर स्थापित करें और नियंत्रण पटल के कुंजीपटल विन्यास में से हिंदी कुंजीपटल Hindi Indic IME 1 [V 5.0] चुनें और इन सात में से कोई भी उपयोग हेतु चुनें।

यदि आपका मौजूदा इस्तेमाल में आ रहा कुंजीपटल विन्यास यहाँ पर नहीं है (जैसे कि शुषा) तो फिर माइक्रोसॉफ़्ट का ही कुंजीपटल विन्यास संपादक (कीबोर्ड एडीटर) का उपयोग कर अपने लिए विशेष यूनिकोड हिंदी कुंजीपटल की रचना कर सकते हैं या वर्तमान कुंजीपटल में कुछ रद्दोबदल कर सकते हैं। और यह बिलकुल आसान है। बस आपके तंत्र पर नेट फ्रेम वर्क संस्थापित होना चाहिए। यदि आप हिंदी में शुरुआत ही कर रहे हैं तो आपके लिए ट्रांसलिट्रेशन या एंग्लो नागरी कुंजी पटल बहुत ही सरल होगा चूँकि यह फ़ोनेटिक आधारित है, और आप हिंदी को रोमन में टाइप कर हिंदी यूनिकोड का उपयोग कर सकेंगे (जैसे कि रवि लिखने के लिए रावि या रिव्)ट्रांसलिट्रेशन में तो ऑनलाइन हेल्प भी है, और इसके वर्ड लिस्ट की सहायता से लंबे और प्राय: बार-बार उपयोग में आनेवाले हिंदी शब्दों के अंग्रेज़ी संक्षिप्ताक्षर देकर अपना काम और भी आसान बना सकते हैं। लिनक्स में इनस्क्रिप्ट कुंजीपटल डिफ़ॉल्ट रूप में संस्थापित होता है, परंतु इसके कुंजीपटल एक्सएमएल फ़ाइल में मामूली रद्दोबदल कर अपने पसंदीदा, अभ्यसत हो चुके हिंदी कुंजीपट की रचना की जा सकती है।

हिंदी लिखने के औज़ारों एक महत्वपूर्ण लिंक यह भी है : : http://www4.vc-net.ne.jp/~klivo/sim/simeng.htm इस लिंक पर Siminstall.jar  नाम की फ़ाइल है जो कि सिमरेदो 4 विश्वभाषा यूनिकोड पाठ संपादक के लिए संस्थापक फ़ाइल है। सिमरेदो 4 में देवनागरी समेत अन्य भारतीय भाषाओं के लिए समर्थन तो है ही, इसमें देवनागरी के लिए इनस्क्रिप्ट तथा फ़ोनेटिक दोनों ही प्रकार के कुंजीपट हैं। यह विंडोज़ एक्सपी पर तो ख़ैर चलता ही है, विंडोज़ 98 पर भी बढ़िया चलता है। हाँ, इसके लिए आपके कंप्यूटर में जावा वर्चुअल मशीन रनटाइम (फ्री सॉफ्टवेयर जो प्राय: सभी मशीनों में जिनमें जावा समर्थित ब्राउज़र हैं जैसे कि इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 होते हैं। संस्थापित ही रहता है) संस्थापित होना आवश्यक है। इसका इंटरफ़ेस हिंदी में भी उपलब्ध है।

मेरे विचार में यह औज़ार शुशा में काम करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं, क्योंकि इसका UI-Devnagri  हिंदी कुंजीपट फ़ोनेटिक आधारित है और बहुत अच्छा डिज़ाइन किया गया है। इस पर लिख कर आप कट/पेस्ट कर हिंदी का उपयोग प्राय: सभी जगह कर सकते हैं। विंडोज़ 98 के लिए एकमात्र यही बढ़िया-सा मुफ़्त औज़ार अब तक मिल पाया है मुझे। हिंदी समूह के सदस्यों के लिए भी यह उपयोगी है। किसी को इसे संस्थापित करने तथा चलाने में कोई समस्या आती है तो वे मुझसे नि:संकोच पूछ सकते हैं।

तो फिर देर किस बात की? अपने कंप्यूटर को यूनिकोड हिंदीमय कर लीजिए आज, अभी ही।

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