प्रौद्योगिकी

अंतरजाल पर
हिंदी के बढ़ते कदम
--रविशंकर श्रीवास्तव

अंतरजाल पर एक बार फिर से डॉट कॉम बूम छाया हुआ है। और, इस दफ़ा अंतरजाल पर हिंदी भी इससे अछूता नहीं है। अंतरजाल के तमाम क्षेत्रों में हिंदी अपनी ठोस उपस्थिति दर्ज़ करवाने की ओर अग्रसर है।

पिछले चंद महीनों में ही हिंदी चिट्ठाकारों की संख्या, जो अरसे से महज़ दो अंकों में सिमटी थी, दो सौ का आँकड़ा पार तो कर ही चुकी है, नित्य नए लोग इसमें जुड़ते जा रहे हैं। माइक्रोसॉफ़्ट भाषा इंडिया ने भारतीय चिट्ठाकारों को मई ०६ के महीने में चिट्ठाकारी पुरस्कारों की घोषणा भी की है, जिसमें हिंदी भाषा भी सम्मिलित है। कुछ नई साहित्यिक-सांस्कृतिक पत्रिकाएँ भी अंतरजाल पर हिंदी में अवतरित हुईं, जिसमें खालिस महिलाओं की पत्रिका तो है ही, एक प्रतिष्ठित खेल पत्रिका है, स्वास्थ्य और संस्कृति से संबंधित पत्रिका भी है। हिंदी के लिए तमाम तरह के उपयोगी अंतरजाल-उपकरणों औज़ारों की तो बात ही क्या! अब हमारे लिए लगभग हर किस्म के हिंदी के औज़ार अंतरजाल पर उपलब्ध हैं - जिनमें ई-मेल से लेकर फोरम तक, सभी कुछ शामिल हैं।

आइए, अंतरजाल पर हिंदी के ऐसे ही कुछ अच्छे, उपयोगी उपकरणों/औज़ारों पर एक नज़र डालते हैं-

हिंदी टाइप करने के कुछ अच्छे ऑनलाइन औज़ार-
यूनिकोड हिंदी में टाइप करने के लिए कुछ समय पहले तक सिर्फ़ इनस्क्रिप्ट कुंजीपट ही मौजूद था, वह भी विंडोज़ एक्सपी या लिनक्स के नए संस्करणों में संस्थापित करने के बाद इस्तेमाल में लिया जा सकता था। इसकी निर्भरता ख़त्म करने के लिए बहुत से ऑफलाइन तथा ऑनलाइन औज़ारों की रचना विविध स्तरों पर की गई। आज अंतरजाल पर यूनिकोड हिंदी में टाइप करने के कई अच्छे ऑनलाइन औज़ार हैं। तारीफ़ की बात यह है कि इनमें आपको तमाम तरह के कुंजीपट के विकल्प भी प्राप्त होते हैं। कई औज़ार तो ऐसे हैं जिनमें न सिर्फ़ हिंदी, बल्कि अन्य कई भारतीय भाषाओं मसलन पंजाबी, गुजराती, तमिल, तेलुगू इत्यादि में भी टाइप करने की सुविधाएँ देते हैं। हिंदिनी के नए हग-२ औज़ार में टाइनी-एमसीई का इम्प्लीमेंटेशन इसके हिंदी अनुवाद के साथ किया गया है जिससे हिंदी पाठ को एचटीएमएल में सजाया-सँवारा भी जा सकता है। इसमें फ़ोनेटिक हिंदी कुंजीपट विकल्प है। रमण कौल के जालस्थल पर यूनी नागरी तथा यूनीस्क्रिप्ट हिंदी में टाइप करने के लिए क्रमश: फ़ोनेटिक तथा इनस्क्रिप्ट कुंजीपट हैं तो साथ ही पंजाबी में टाइप करने के लिए भी एक कुंजीपट है। इस साइट पर शुषा तथा कृतिदेव (रेमिंगटन) फ़ॉन्ट के कुंजीपट शामिल करने हेतु कार्य जारी है।

इसी से मिलते-जुलते कुछ अन्य ऑनलाइन कुंजीपट हैं सोर्सफ़ोर्ज पर यह बहुभाषी कुंजीपट आपको विविध भारतीय भाषाओं को कई कुंजीपट में टाइप करने की सुविधा देता है। इसी तरह गेट२होम साइट पर आप हिंदी समेत विश्व की तमाम लोकप्रिय भाषाओं में ऑनलाइन टाइप कर सकते हैं। ऐसा ही एक अन्य प्रयास भारतीय भाषाओं में अनुप्रयोगों को अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद करने के लिए बनाया गया है, परंतु जिसका इस्तेमाल बखूबी भारतीय भाषाओं, जिसमें हिंदी सम्मिलित है- के टाइप करने में लिया जा सकता है। अब आपको न तो अपने कंप्यूटर पर हिंदी कुंजीपट की चिंता और न ऑपरेटिंग सिस्टम की चिंता - क्यों कि ऊपर दिए गए लगभग सभी साइटें इंटरनेट एक्सप्लोरर ६ और या फॉयरफ़ॉक्स के नए संस्करण (१.५) में विंडोज़ ९८ में भी बखूबी चलते हैं। विंडोज़ एक्सपी तथा लिनक्स के ताज़ा संस्करणों (यथा फेदोरा कोर ४ या अधिक) में तो ख़ैर यह समर्थन है ही।

हिंदी के कुछ नए ऑनलाइन शब्दकोश व शब्दसंग्रह-

हिंदी के लिए देखते ही देखते कोई दर्जन भर ऑनलाइन अंग्रेज़ी-शब्दकोश उपलब्ध हो चुके हैं और नए-नए ऑनलाइन शब्दकोश आना जारी हैं। अब हिंदी-हिंदी शब्दकोश व शब्दसंग्रह (थिसॉरस) भी जारी किया जा चुका है जो साहित्यकारों के लिए अत्यंत उपयोगी है। ऑनलाइन अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोशों की सूची में एक और नाम जुड़ा है शब्दनिधि। इसे देबाशीष ने अंतरजाल की नवीनतम तकनॉलाजी एजेक्स का इस्तेमाल कर बनाया है और इसमें काफ़ी विस्तार की गुंजाइशें भी हैं। एक अन्य, आइट्रांस आधारित हिंदी-अंग्रेज़ी-हिंदी ऑनलाइन शब्दकोश भी है हिंदी या अंग्रेज़ी किसी भी भाषा में शब्दों के अर्थ ढूँढने की सुविधा देता है। हिंदी में मिलते-जुलते शब्दों को ढूँढने का यह बढ़िया स्थल है। आपको अपने रदीफ़-काफ़िये के लिए उचित शब्दों की खोज यहीं करनी चाहिए।

ढेरों मुफ़्त के हिंदी यूनिकोड फ़ॉन्ट-

बहुत सारे व्यक्तिगत तथा संस्थागत प्रयासों से हिंदी यूनिकोड के लिए ढेर सारे फ़ॉन्ट मु़फ़्त सॉफ्टवेयर लाइसेंस के तहत जारी किए जा चुके हैं जिनका इस्तेमाल आप बखूबी अपने दस्तावेज़ों को सजाने-सँवारने में कर सकते हैं। विविध स्रोतों से डाउनलोड किए जा सकने वाले इन फ़ॉन्ट के बारे में चित्रमय जानकारियों को डाउनलोड कड़ी सहित इस जालस्थल पर खूबसूरती से संग्रह किया गया है।

वर्तनी जाँच की क्षमता युक्त मुफ़्त हिंदी लेखक-

इस हिंदी लेखक के ज़रिए आप विंडोज़ के किसी भी अनुप्रयोग में सीधे ही फ़ॉनेटिक हिंदी में टाइप कर सकते हैं। हालाँकि इस हिंदी लेखक की वर्तनी जाँच क्षमता थोड़ी-सी सीमित ही है (इसके वर्तनी जाँचक डाटाबेस में हिंदी के ६० हजार शब्दों को शामिल किया गया है), और यह ऑफ़िस एक्सपी के साथ कार्य करता है, परंतु आम जन के मुफ़्त इस्तेमाल के लिए व्यक्तिगत प्रयास से इसे जारी किया गया है जिसकी सराहना की जानी चाहिए। वैसे भी, माइक्रोसॉफ़्ट के भारी भरकम हिंदी ऑफ़िस में भी जब आप हिंदी में संयुक्ताक्षरों या बहुवचनों में वर्तनी जाँच करते हैं तो पाते हैं कि सही वर्तनी वाले शब्दों को भी यह ग़लत बताता है- यानी हिंदी में वर्तनी जाँच में समस्याएँ तो बनी ही रहनी हैं।

इंटरनेट अब अंतत: भारतीय भाषाओं की फ़ॉन्ट की समस्या से मुक्त-

जी हाँ, अब कम से कम अंतरजाल पर भारतीय भाषाओं में पठन-पाठन हेतु फ़ॉन्ट की समस्या से आप मुक्त हो चुके हैं। अब आपको अपने ब्राउज़र में विविध भारतीय भाषाओं की साइटों पर भ्रमण करने के लिए तमाम तरह के फ़ॉन्ट संस्थापित करने की आवश्यकता नहीं है। बस, संबंधित भाषा का एक यूनिकोड फ़ॉन्ट आपको संस्थापित करना होगा और आपका काम हो जाएगा। यानी कि एक यूनिकोड हिंदी फ़ॉन्ट मंगल या रघु से आप जागरण, भास्कर, नई दुनिया, नवभारत, अभिव्यक्ति इत्यादि सभी हिंदी के जालस्थलों का आनंद ले सकते हैं। मॉज़िला फ़ॉयरफ़ॉक्स ब्राउज़र तथा उसके पद्मा एक्सटेंशन को इसके लिए धन्यवाद देना होगा। इस्तेमाल करने के लिए फ़ॉयरफ़ॉक्स चालू करें, फिर जाल स्थल पर पद्मा एकस्टेंशन के इस स्थल पर जाएँ। यहाँ padma.xpi  नाम की फ़ॉयरफॉक्स एक्सटेंशन फ़ाइल मिलेगी। इसे क्लिक कर खोलें। यह आपसे एक प्लगइन संस्थापित करने को पूछेगा। हाँ करें और फ़ॉयरफ़ॉक्स फिर से प्रारंभ करें।

अब फ़ॉयरफ़ॉक्स में टूल्स / एक्सटेंशन पर जाएँ, पद्मा दिखाई देगा। उसे चुनें ऑप्शन्स में क्लिक करें पद्मा प्रेफ़रेंस नाम का चाइल्ड विंडो खुलेगा उसमें अपडेट बटन पर क्लिक करें आपको ऑटोट्रांसफॉर्म सूची दिखाई देगी। उसमें अभिव्यक्ति का यूआरएल अगर नहीं दिखाई दे रहा हो तो डालें बस काम हो गया।

अभिव्यक्ति-हिंदी. ऑर्ग में जाएँ यूनिकोड में साइट का आनंद लें।

हाँ आप यूनिकोड में काटने-चिपकाने वाला काम भी कर सकते हैं - यानी पृष्ठों को सीधे कॉपी कर अपने पास यूनिकोड हिंदी में रख सकते हैं - अलग से फ़ॉन्ट परिवर्तक की भी आवश्यकता नहीं! यह सारा कार्य डायनॅमिक रूप से करता है और इसी वजह से हो सकता है कि आपका ब्राउज़र हिंदी साइटों को दिखाते समय कुछ धीमा हो जाए, मगर यह अत्यंत उपयोगी तो है ही इसमें कोई दो मत नहीं।

और अब हिंदी में परिचर्चा भी-

हिंदी में ऑनलाइन फ़ोरम की आवश्यकता बहुत समय से महसूस की जा रही थी जहाँ हिंदी प्रेमी वाद-विवाद, जानकारियों का आदान-प्रदान और यों ही मटरगश्ती अपनी भाषा में कर सकें। इस कमी को भी पूरा कर लिया गया है और हिंदी फ़ोरम `परिचर्चा' धूम-धड़ाके के साथ प्रारंभ हो गया है। फ़ोरम में आप भी आमंत्रित हैं। चाहे अपनी समस्याएँ लेकर आएँ, विचार प्रदान करने आएँ या फिर दूसरों के विचार जानने आएँ। हर तरह की सामग्रियाँ यहाँ आपको मिलेंगी। फ़ोरम का जन्म बस अभी ही हुआ है, अत: खूब सारे विषय और ढेरों सामग्री की आशा अभी न करें, परंतु हिंदी के बढ़ते, ठोस कदमों के चलते इस फ़ोरम को समृद्ध होते देर नहीं लगेगी।

२४ मई २००६