प्रौद्योगिकी

नेटबुक क्या है
रश्मि आशीष


आजकल नेटबुक का नाम काफी सुनने मे आ रहा है और लोग इस (नोटबुक की तरह दिखने वाले लेकिन आकार में कुछ छोटे) नये प्रकार के उपकरण को जानने के लिये काफी उत्सुक हैं। जहाँ एक ओर नेटबुक को नवीनतम प्रौद्योगिकी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई दुकानदार इसे कम शक्तिशाली बताकर न खरीदने की सलाह दे रहे हैं। तो नेटबुक क्या है और हम इसे खरीदें या न खरीदें इसको जानने के लिये कुछ बातें जाननी आवश्यक हैं-

नेटबुक क्या है-

नेटबुक, छोटे लैपटाप का ही दूसरा नाम है। नेटबुक में छोटा कीबोर्ड, छोटा स्क्रीन और छोटी हार्ड डिस्क होती है। नेटबुक को सबनोटबुक, अल्ट्रा पोर्टेबल, मिनी नोटबुक, मिनी थिन क्लाईंट, क्लाउडबुक, और अल्ट्रा पोर्टेबल मोबाईल पी सी के नाम से भी जाना जाता है। कई कंप्यूटर निर्माताओं ने नेटबुक निकाली है, जिनमे से कुछ हैं - आसूस, एसर, एच पी, डेल, एम एस आई  आदि।

नेटबुक और नोटबुक में अन्तर -

नेटबुक और नोटबुक का प्रमुख अन्तर यह है कि नेटबुक में नोटबुक की तुलना में कम शक्तिशाली और धीमा प्रोसेसर होता है।

  • नोटबुक की तुलना में नेटबुक काफी हल्की होती है (.९ से १.९६ किलो)।

  • नेटबुक, नोटबुक के मुकाबले सस्ती होती है (२०॰००० रु से कम )।

  • नेटबुक को हल्का और सस्ता बनाये जाने के लिये कई तरीके अपनाये जाते हैं-
    हो सकता है कि नेटबुक में सी डी  या डी वी डी  ड्राईव न हो।
    नेटबुक हार्ड डिस्क की जगह एस एस डी का प्रयोग कर सकती है क्योकि एस एस डी में कम बिजली की खपत होती है और वे हल्की तथा ज़्यादा मज़बूत होती हैं।
    नेटबुक का कीबोर्ड और स्क्रीन नोटबुक के मुकाबले छोटा हो सकता है।
    एम एस विंडोज़ के दाम से बचने के लिये नेटबुक पर लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के किसी वितरण का प्रयोग किया जा सकता है।

    नेटबुक पर हमें क्यों ध्यान देना चाहिये-

  • बाजार में उपलब्ध महँगे लैपटाप की तुलना में नेटबुक भले ही उतनी शक्तिशाली न समझी जाती हो पर वे साधारणतया कंप्यूटर पर किये जाने वाले कामों को आसानी से पूरा करने में सक्षम है। बहुत गेम खेलने वालों या प्रोग्रामर्स के अलावा लगभग हर कोई अपने रोजमर्रा के कंप्यूटर के काम आसानी से नेटबुक पर कर सकता है।

  • सस्ती नोटबुक खरीदने की तुलना में मँहगी नेटबुक खरीदना सस्ता और बेहतर सौदा हो सकता है क्यों कि जहाँ एक ओर सस्ती नोटबुक, पुरानी और काम की न रहने के कारण सस्ती होती है, वहीं उसी दाम में हमें नवीनतम तकनीक का प्रयोग करने वाली नेटबुक मिल सकती है।

  • इन्टरनेट पर काम करने के लिये, खासतौर से वाई फाई (WiFi) के द्वारा जुड़ने के लिये नेटबुक पूर्णतया उपयुक्त है।

  • नेटबुक के द्वारा हम बड़ी आसानी से ईमेल चैक कर सकते हैं, रोज़ की खबरें, मौसम का हाल जान सकते हैं, इसके अलावा डिजिटल विडियो, संगीत तथा फोटोग्राफ़ी का आनन्द भी उठा सकते हैं।

  • ज्यादातर लोग अपना रोज़ का काम एम एस वर्ड, एक्सेल तथा पावर पाइंट) पर करते है। हालाँकि एम एस विंडोज़ आधारित नेटबुक पर एम एस ऑफ़िस उपलब्ध है, पर अगर हम मुफ्त सॉफ्टवेयर जैसे ओपेन ऑफ़िस या गूगल डॉक्स  का उपयोग करें तो एक तरफ़ हमारा काम भी हो जायेगा और दूसरी ओर हम एम एस ऑफिस के दाम तथा उसकी स्टोरेज और शक्ति की माँगों से भी बच जायेंगे।

  • नेटबुक का अगला मुख्य आकर्षण उसका छोटा होना है। वज़न में हल्का होने के कारण नेटबुक, कालेज के छात्रों और दौरे पर रहने वाले लोगों के लिये और भी उपयुक्त है।

भारत जैसे विकासशील देशों में एक बहुत बड़े जन समूह को कंप्यूटर तथा इन्टरनेट की उपलब्धता केवल नेटबुक के माध्यम से ही हो पा रही है। इसका कम दाम, लगातार बिजली की ज़रूरत न होना तथा एक चीज़ में सभी कुछ होना इसको ग्रामीण तथा निम्न मध्यमवर्गीय बाज़ारों में चला सकता है। हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर भविष्य में मोबाईल की तरह हर व्यक्ति के हाथ में एक नेटबुक भी हो।

१३ सितंबर २०१०