हास्य व्यंग्य

रिश्वतऽमृतमश्नुते
डॉ. अशोक गौतम


 हर बच्चे के पिता को ईमानदारी के साथ यह मानकर चलना चाहिए कि जैसे कैसे उनका बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर भले ही बन जाए लेकिन उसके बाद भी उसके हाथ में रिश्‍वत लेने का हुनर नहीं तो वह आगे परिवार की तो छोड़िए अपने खर्चे भी पूरे नहीं कर सकता। और नतीजा…. सपने बंदे को खुदकुशी तक ले जा रहे हैं। हमारे संस्थान ने इसी बात को ध्यान में रख समाज और देश हित में रिश्‍वत पर विशेष पाठ्यक्रम चलाए हैं ताकि आपका लाडला रिश्‍वत देकर छोटी-मोटी नौकरी पाने के बाद हीनता का शिकार न हो। आज देश में माना तेजी से रिश्‍वत लेने का चलन बढ़ा है। पर रिश्‍वत लेने के ये तरीके बिना पाठ्यक्रम के सुरक्षित नहीं। तभी तो जो लोग बिना किसी पाठ्यक्रम के रिश्‍वत लेने का दुस्साहस कर देश को गौरवान्वित कर भी रहे हैं, देर सबेर पकड़े जा रहे हैं।

इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद तय है कि आपका लाडला उच्च पद पर न रहकर भी रोज शान से वेतन से चार गुणा अधिक रिश्‍वत लेकर घर आए। हमारे संस्थान के दरवाजे पर कदम भर रखने के बाद ही एक विभाग में तृतीय श्रेणी पर रिश्‍वत देने के बाद लगे श्री रजत जी का कहना है कि, ‘दो साल पहले मैंने नकल मार, बोर्ड के आफिस वालों को खिलापिला कर दसवीं पास की थी, लेकिन उसके बाद मैं किसी ऐसे पाठ्यक्रम की तलाश में था जिसके बल पर मैं अपने असीमित सपनों को पूरा कर सकूँ। संस्थानों की सही जानकारी न होने की वजह से मैं दो साल घर में हाथ पर हाथ धरे सपने बुनता रहा। तभी मेरे पापा को मेरे एक खास दोस्त के पापा ने इस संस्थान के बारे में बताया। फिर क्या था! मेरे पापा ने जोड़ तोड़ कर मुझे रिश्‍वत का सर्टिफिकेट करवा दिया। और सौभाग्य से, इधर पाठ्यक्रम पूरा हुआ और उधर मेरा जुगाड़ भिड़ गया। आज रात को जो सपने देखता हूँ अगले दिन बिना किसी डर के उन्हें साकार कर लेता हूँ।’

अगर आप भी इसी श्रेणी में शामिल हैं, अगर आप भी चाहते हैं कि आपके पास आपके पद से चार गुना बड़ी कार हो, आपके पास आपके पद से चारगुना बड़ा फ्लैट हो तो आपके लिए हमारे संस्थान द्वारा चलाए जा रहे रिश्‍वत के विभिन्न पाठ्यक्रमों में से किया रिश्‍वत का कोई सा भी रोजगार संबंधी पाठ्यक्रम वरदान साबित हो सकता है। हमारा संस्थान देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जो पूरी तरह रिश्वत के विभिन्न पाठ्यक्रमों का ईमानदारी से समर्पित है। इसके पास पढाने के लिए देश के चुनिंदा अनुभवी रिश्‍वतखोरों का परिष्‍कृत स्टाफ है। रिश्‍वत के क्षेत्र में उनकी अपनी अपनी दक्षताएँ हैं।

यदि आप अपने पद का सदुपयोग कर अथाह धन कमाना और समृद्धि बनाना चाहते हैं तो हम आपको दावे के साथ कह सकते हैं कि हमारे संस्थान से किए गए रिश्‍वत डिप्लोमा से बढ़कर कोई और विकल्प आपके पास नहीं। इसके बारे में हमारी करिअर काउंसलर का कहना है कि ‘मेरा तो मानना है कि रिश्‍वत का पाठ्यक्रम सभी के लिए बहुत आवश्‍यक है। पढ़े-लिखों को तो पढ़े-लिखों को, अनपढ़ को भी टाँगें पसारे सपने देखने का पूरा हक है। रिश्‍वत लेने का व्यावहारिक ज्ञान न होने की वजह से अनपढ़ लोग तक देश के ऊँचे ओहदों पर काबिज तो हो जाते हैं पर जब मूँछों पर ताव दे रिश्‍वत लेते हैं तो यों ले बैठते हैं जैसे बाजार में आलू ले रहे हों। और नतीजा, दूसरे दिन अखबारों की सुर्खियाँ हो जाते हैं। असल में ऐसे लोगों की रिश्‍वत के संबंध में कोई पृष्ठभूमि, व्यावहारिक शिक्षा या अनुभव नहीं होता।’

देश की राजनीति, सरकारी, गैर सरकारी विभागों, उपक्रमों, प्राइवेट क्षेत्र के नौकरी करने वालों के सपनों को ध्यान में रख हमने रिश्‍वत में कई तरह के लांग टर्म, शार्ट टर्म पाठ्यक्रम इस साल से चलाए हैं। हमारे संस्थान से इन सर्टिफिकेट, डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद हम दावे से कह सकते हैं कि कम वेतन पाने वाला भी मजे से अपने सपने पूरा कर सकता है। जो लोग नौकरी में हैं उनके लिए संस्थान ने पत्राचार कार्यक्रम चलाया है ताकि वे भी इस पाठ्यक्रम के लाभ से वंचित न रहें और देश के विकास में अपने दोनों हाथ सगर्व बँटा सकें। आपको याद दिला दें कि इस पाठ्यक्रम को करने के लिए विभागीय अनुमति की कतई आवश्‍यकता नहीं। हमारे संस्थान से करवाया जानेवाला रिश्‍वत का हर पाठ्यक्रम हर सरकार से प्रमाणित है। याद रखिए, रिश्‍वत लेना भ्रष्‍टाचार नहीं, लोक व्यवहार है। लोक व्यवहार अपने युग का धर्म होता है। अत: रिश्‍वत लेने की कला हमसे सीख रिश्‍वत लीजिए और अपने युग के धर्म का सगर्व पालन कीजिए। अधिक जानकारी के लिए लागआन कीजिए- डब्लूडब्लूडब्लू.लोक व्यवहार.काम।

  २३ अगस्त २०१०