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1 मई 2001

कहानियांकविताएंसाहित्य संगमदो पलकला दीर्घासाहित्यिक निबंधउपहारविशेषांक
फुलवारी हास्य व्यंग्य प्रकृति पर्यटनसंस्मरणप्रेरक प्रसंगरसोईस्वास्थ्यघर परिवार
पर्व परिचयशिक्षास्रोतआभारलेखक संपर्क

उपहार में 
बदलते मौसम के साथ
एक मधुर संयोजन


जितनी बार तुम्हें देखा है  
जावा आलेख हिन्दी कविता के साथ

घर परिवार 
 में 
मुखौटों का महत्व

मुखौटे न केवल कलावस्तु हैं अपितु घर की सजावट में उनका विशेष हस्तक्षेप है। भारत के गृहसज्जा विज्ञान वास्तुशास्त्र और चीन के फेंग शुई में मुखौटों के विषय में रोचक जानकारी मिलती है। 


रसोईघर  में 

बेल का शर्बत गर्मियों के मौसम में 
तरावट के लिये

 
हिन्दी कविताओं की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका
अनुभूति में
ग्रीष्म
महोत्सव

हर रोज़ एक गुनगुनी कविता के साथ

 

पर्व परिचय 
में 
मई माह के पर्व 

ग्रीष्म का प्रारंभ सभी प्रमुख पहाड़ी आवासीय स्थानों में चहल पहल बिखेर देता है।  होटलों और रिज़ौर्टो की गतिविधिया प्रारंभ हो जाती हैं।  सजीव सांस्कृतिक कार्यक्रम पुष्प प्रदर्शनिया तथा अन्य कार्यक्रमों से ऊटी शिमला दार्जिलिंग नैनीताल मसूरी और माउन्ट आबू जैसे नगर  रंगीन हो उठते हैं।

 

स्वाद और स्वस्थ्य 
में 
बड़े काम का बेल 
के अंतर्गत बेल के गुणों की चर्चा 


फुलवारी
 में 

 

सामयिकी में 

24 अप्रैल को हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक कथाकार और चिंतक श्री शैलश मटियानी नहीं रहे। इस  अवसर पर हम तीन विशिष्ट आलेख प्रस्तुत कर रहे हैं ऋ

और 8 मई को उनकी दो बेहतरीन कहानियां
उपन्यास सी रोचक लम्बी कहानी
'अर्धांगिनी' और मर्मस्पर्शी ' मैमूद'

कला दीर्घा
में  पटचित्र के विषय में रोचक और उपयोगी जानकारी ।
" ... पटचित्र उड़िया लोककला की पहचान है। विदेशी शासन के समय भारत की अन्य लोककलाओं की भांति इसको भी बहुत क्षति पहुंची लेकिन आज यह पुनः अपनी जड़ें मज़बूत कर रही है।"

 

प्रेरणाप्रद प्रसंगों का ख़ज़ाने 
प्रेरक प्रसंग

में अब्दुर्रहीम खानखाना के जीवन पर आधारित  प्रेरक प्रसंग खानखाना की विनम्रता

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प्रमिला गुप्ता की कहानी
दोस्ती 
और 
रियाध सऊदी अरब से
मिसबाहुदिन की कविता
क्रिकेट

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"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरूचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों  अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुर्नप्रकाशन की अनुमति नहीं है।यह पत्रिका प्रति सप्ताह परिवर्धित होती है।

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