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व्यक्तित्व

अभिव्यक्ति में श्रीकृष्ण जुगनू
की रचनाएँ

पर्व परिचय में-

 

श्रीकृष्ण जुगनू

जन्म- २ अक्टूबर १९६४ ई. को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिलान्तर्गत ग्राम पोस्ट आकोला में।
शिक्षा- स्नातकोत्तर ( हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास), पीएच. डी., डी. लिट., पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा एवं शिक्षा-स्नातक, (सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर) एवं श्रव्य-दृश्य मीडिया में दक्ष।

कार्यक्षेत्र-
श्रीकृष्ण जुगनू राजस्थान के भारतविद पुराविशेषज्ञ हैं। इतिहास-पुरातत्त्व, शिल्प, कला, स्थापत्य, शिक्षा, धर्म, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र व संस्कृति जैसे विषयों के अनुवाद, अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान और लेखन में गहरी रुचि तथा एतद्विषयक स्थलों के टोही-भ्रमण में भी गहन दिलचस्पी लेने वाले डॉ॰ श्रीकृष्ण 'जुगनू' प्राचीन ग्रंथों के संपादन और उन्हें प्रकाशित करने के संबंध में उपयोगी कार्य कर रहे हैं। इतिहास-पुरातत्त्व, शिल्प, कला, स्थापत्य, शिक्षा, धर्म, ज्योतिष, वास्तु व संस्कृति आदि विषयों पर वर्ष १९७८ से अद्यावधि अनेकानेक आलेखों का देश के प्रतिष्ठित पत्रों-पत्रिकाओं में सचित्र प्रकाशन। देशी-विदेशी हस्तशिल्पियों, कला प्रेमियों, राजनेताओं व समाज सुधारकों के भावात्मक साक्षात्कारों का संग्रह और प्रकाशन। शिलालेखों, सुरह लेखों, ताम्रपत्रों, पट्टों, पाण्डुलिपियों आदि का अध्ययन, मूलपाठों का प्रकाशन और अनुवाद।

प्रकाशित कृतियाँ
‘राजस्थान का लोक पहनावा’ (मानव संसाधन विकास मंत्रालय के लिए शोध सर्वेक्षण), भलाभाई-बुराभाई (राजस्थानी लोककथाएँ), मेवाड़ के लोकनृत्य, विवाह बन्दनवाल (मेवाड़ के विवाह गीत), चितचोर चित्तौड़ ; दर्शनीय उदयपुर व मेवाड़ के मन्दिर, मन्दिर श्री अम्बामाताजी उदयपुर तथा लोकशक्तिपीठ आसावरामाता, मेवाड़ की जनजातीय व लोक संस्कृति, कला की कालकथा, वास्तु एवं शिलाचयन आदि कृतियाँ।

सम्पादन
‘राकेट’ (बाल मासिक) ‘रंगायन’ (लोक संस्कृति विषयक त्रैमासिक) सहित एक दर्जन स्मारिकाओं का सम्पादन।

सम्मान व पुरस्कार-
महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन से महाराणा कुम्भा सम्मान, श्रेष्ठ शिक्षक के रूप में राजस्थान के राज्यपाल के हाथों राज्य स्तरीय और महामहिम राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान, राजस्थान संस्कृत अकादमी से जगन्नाथ सम्राट सम्मान, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली का एक लाख रुपए का साहित्य सेवा व्रती सम्मान और हिंदुस्तानी एकेडमी, प्रयागराज से राष्ट्रीय गुरु गोरक्षनाथ सम्मान।

संप्रति- उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान से २०२४ में सेवानिवृत्त होने के बाद स्वतंत्र लेखन, संपादन आदि

ईमेल -
skjugnu@gmail.com

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