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कलम गही नहिं हाथ  
 

 

 

रंग बरसे!

होली का हुलास प्रवासियों को हर जगह होली के रंग में डुबो देता है। देखिए देखिए यकीन होता है कि यह फोटो दुबई में खींचा गया है? नहीं होता न? पर यह सच है। दुबई की होली भारत के किसी भी होली कार्यक्रम का मुकाबला कर सकती है। हंगामा ऐसा जबरदस्त कि देसी-विदेसी हर व्यक्ति को होली खेलने पर विवश कर देता है। यह और बात है कि होली, होली के दिन नहीं खेली जाती। उसके पास पड़ने वाले शुक्रवार को खेली जाती है जो यहाँ साप्ताहिक छुट्टी का दिन भी है। इस नियम के अनुसार इस बार होली यहाँ १३ मार्च को खेली गई।

कुछ भारतीय संस्थाएँ होली खेलने का झमाझम इंतज़ाम करती हैं।  इनमें इंडियन असोसियेशन प्रमुख है। छोटे समूहों में तो लोग होली कई जगह खेलते हैं लेकिन बड़े समूहों में मिलकर होली खेले जाने वाले प्रमुख स्थान हैं दुबई क्रीक पार्क, अवीर और वंडरलैंड। यहाँ हम जाने-अनजाने हर व्यक्ति के ऊपर रंग डाल सकते हैं। सभी जगह गाने बजाने और नाचने का इंतज़ाम होता है। डीजे और ढिंग चिक संगीत जम कर होली का मज़ा देते हैं। खाने-पीने और रंग का पक्का इंतज़ाम होता है। मजाल है कभी कोई कमी पड़ जाए। होली के बाद नहाने और कपड़े बदलने की भी व्यवस्था रहती है, साथ ही पुलिस की भी। सभी कार्यक्रमों के शुरू होने का समय दस बजे होता है जो लगभग एक दो बजे तक हंगामे के साथ जारी रहता है। अखबार और रिपोर्टर भी इसको प्रमुखता से प्रकाशित करते हैं। देखना चाहें तो इसकी कुछ झलकियाँ यहाँ और कुछ यहाँ देखी जा सकती हैं

इसके अतिरिक्त होली पर गीत संगीत की परंपरा भी है। इनका आयोजन आमतौर पर रात में होता है। संगीत भारतीय ही होता है चाहे वह फ़िल्मी हो, शास्त्रीय हो या फिर जैज़। इस बार भी बारह और तेरह मार्च की रात कई महत्वपूर्ण आयोजन हुए। जिनमें सबसे भव्य स्तर पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम था रॉक ऑन लाइव इन दुबई। इसमें शंकर, एहसान और लॉय के साथ पूरब कोहली, अर्जुन रामपाल, फरहान अख्तर और ल्यूक केनी साक्षात अवतरित हुए। दुबई एवियेशन क्लब के मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम रात दस बजे से देर रात तक चलता रहा।

होली उमंग, उत्साह और मेलभाव का पर्व है यह  उमंग, उत्साह और मेलभाव साल भर बना रहे इसी कामना के साथ-

पूर्णिमा वर्मन
 
१६ मार्च २००९

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