कला दीर्घा

 
 

अभिव्यक्ति की कलादीर्घा के इस अंक में प्रस्तुत है
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माँ- विभिन्न भारतीय कलाकारों की तूलिका से
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बी. प्रभा की परिचित शैली में
माँ और बच्चे का एक चित्र, तैलरंगों में कैनवस पर

 
 

माँ और शिशु
सुब्रत गंगोपाध्याय की तूलिका से तैलरंगों मे कैनवस पर

 

नारायण श्रीधर बेंद्रे के माँ और बच्चा शीर्षक इस चित्र ने अपने की सबसे महँगी कलाकृति का कीर्तिमान बनाया था।

 

विजय कदम द्वारा चित्रित माँ और बेटी शीर्षक से यह चित्र कागज पर जल रंगों से बनाया गया है।

 
 

सुभाष पवार द्वारा चित्रित माँ और बेटी गाँव के सुंदर परिविश में दोपहर का विश्राम करते हुए।

 

उत्पला जोशी की तूलिका से माँ और बच्चा, ग्रामीण पृष्ठभूमि, जलरंगों से कागज पर

 

प्रदीप कार्णिक की इस कलाकृति में माँ की मता के तीन रूप चित्रित किये गए हैं।

 

 
 

रामानंद बंधोपाध्याय की यह कलाकृति पार्वती को गणेश की माँ के रूप में प्रदर्शित करती है।

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माँ और बेटी शीर्षक इस कलाकृति के चित्रकार हैं सुदीप्तो तिवारी और माध्यम है कागज पर चारकोल

   
 

 

 

माँ और बेटी शीर्षक से ज्योति हत्तर के इस चित्र को तैलरंगो से कैनवस बोर्ड पर बनाया गया है।

     

नितिन ननगरे की मिश्रित माध्यम में बनी इस कलाकृति में माँ को बच्चों के साथ दिखाया गया है।

   
   
   

माँ और बेटी –  कृष्णजी हौवालजी आरा की तूलिका से