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कला दीर्घा



शुचि कृष्णन की कलाकृति

 

विभिन्न दीर्घाएँ

  कलाकृतियाँ डाक-टिकटों पर
  गणपति विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
  घोड़े विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
  दीपावली विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
  दुर्गा आधुनिक कलाकृतियों में
दुर्गा पारंपरिक कलाकृतियों में

पिता विभिन्न कलाकारों की तूलिका से

माँ विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
शिव - विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
सखियाँ विभिन्न कलाकारों की तूलिका से
होली पारंपरिक कलाकृतियों में
होली आधुनिक शैली की कलाकृतियों में

भारत की लोक कलाएँ
कलमकारी कांगड़ा गोंड

चित्तर

तंजावुर
थंगक पट्टचित्र पिछवई पिथोरा फड़
बाटिक मधुबनी यमुनाघाट वरली

  भारत के प्रसिद्ध कलाकार
  अबदुल रहीम अप्पाभाई आलमेलकर अमृता शेरगिल
  अकबर पद्मसी  
  के के हेब्बार कृष्ण हौवालजी आरा
  जामिनी राय जतीन दास
  जहाँगीर सबावाला  
  नारायण श्रीधर बेंद्रे बी प्रभा
  मकबूल फ़िदा हुसैन मनजीत बावा
रसिक रावल राजा रवि वर्मा
  रबीन मंडल रामकिंकर बैज
  लक्षमण पै  
  वासुदेव एस गायतोंडे  
सतीश गुजराल सैयद हैदर रज़ा

  समकालीन कलाकार
  डॉ. लाल रत्नाकर  
विजयेंद्र विज मनसाराम

  आलेख ललित कला
   
  कला मेरे लिये कुरुक्षेत्र ही थी- जे पी सिंघल से प्रभु जोशी का साक्षात्कार
न्यू मीडियाः समकालीन कला का कल- अवधेश मिश्र
  राजा रवि वर्मा का कला संसार- प्रभु जोशी
लखनऊ वाश और बद्रीनाथ आर्य- अवधेश मिश्र
  हिमालय का चितेरा रोरिक- सुदर्शन वशिष्ठ
    लोक कला
  दक्षिण पूर्व एशिया के रामायण शिलाचित्र- देवेन्द्रनाथ ठाकुर
  पत्थर की चाक और मिट्टी के घोड़े- निशांत
भारतीय चित्रकला और पटना कलम- नारायण भक्
मथुरा की मूर्तिकला- जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी
  सुपारियों में खिला हस्तशिल्प- अशोक श्रीवास्तव अंजान
  सहारनपुर की सांस्कृतिक विरासत- दिनेश चंद्र अग्रवाल
  बौद्ध धर्म में कला का स्थान- डॉ. अँगनेलाल
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