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व्यक्तित्व

अभिव्यक्ति में अश्विनी केशरवानी की रचनाएँ


पर्यटन में
चरो रे भैया, चलिहें नरबदा के तीर

निबंध में
लोकगीतों में देवी-देवताओं की होली

संस्कृति में
छत्तीसगढ़ की देविया
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में वर्षा


 

 


अश्विनी केशरवानी

जन्म : भारतेन्दु कालीन साहित्यकार श्री गोविं‍द साव के छठवी पीढी के वंशज के रूप में 18 अगस्त 1958 को सांस्कृतिक तीर्थ शिवरीनारायण में

कार्यक्षेत्र :
देश के प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में तीन दशक से निबंध, रिपोर्ताज, संस्मरण एवं समीक्षा का लेखन एवं आकाशवाणी के रायपुर एवं लासपुर केन्द्रों से अन्यान्य वार्ता का प्रसारण, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर की रजत जयंती पत्रिका 'मनीषा', शासकीय किरोडीमल कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रायगढ़ की पत्रिका 'प्राची' , बिलासपुर जिला साक्षरता अभियान की पत्रिका 'साक्षरता', शासकीय महाविद्यालय चांपा की पत्रिका 'युगांतर', केशरवानी सभा बिलासपुर की पत्रिका 'प्रयास', रायगढ़ जिला केशरवानी वैश्य महासभा की स्मारिका 2001, जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक मेला की पत्रिका 'जाज्वल्या', केशरवानी समाज की पत्रिका 'केसर ज्योति' के छत्तीसगढ़ विशेषांक, तथा शिवरीनारायण महोत्सव की पत्रिका 'शबरी' के संपादक मंडलों में महत्वपूर्ण योगदान।

प्रकाशन :
1 पीथमपुर के कालेश्वरनाथ . 2 शिवरीनारायण : देवालय एवं परम्पराएँ

सम्प्रति :
शासकीय महाविद्यालय चांपा में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत। छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा के अध्यक्ष

संपर्क : ashwinikesharwani@gmail.com

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