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व्यक्तित्व

अनुभूति में तरुण जोशी
की रचनाएँ

हास्य व्यंग्य में
जिस रोज़ मुझे भगवान मिले

 


तरुण जोशी

9 फरवरी को जन्मे तरुण पेशे से एक सॉफ्टवेयर कंसलटेंट हैं और अमेरिका में कार्यरत हैं। खाली वक्त में ये अपने विभिन्न चिट्ठों में चिट्ठाकारी करते हुए या सिविलाइज़ेशन नाम का कंप्यूटर खेल खेलते हुए पाए जा सकते हैं।

इनके निठल्ला चिंतन, उत्तरांचल, ज़ीरो अवर और अन्य चिट्ठे आप रीडर्स कैफ़े
(
http://www.readers-cafe.net) के अंतर्गत पढ़ सकते हैं।

इनके कुछ लेख और कविताएँ "प्रभा साक्षी", "शब्दांजलि" और "निरंतर" (हिंदी की पहली ब्लॉगज़ीन) में भी प्रकाशित हो चुके हैं।

संपर्क का पताः readerscafe@gmail.com
निठल्ला चिंतन (http://www.readers-cafe.net/nc)

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"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9–16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।