आज सिरहानेउपन्यासउपहारकहानियाँकला दीर्घाकविताएँगौरवगाथापुराने अंक
नगरनामारचना प्रसंगघर–परिवारदो पलनाटकपरिक्रमा पर्वप्रकृतिपर्यटन
प्रेरक प्रसंगप्रौद्योगिकी फुलवारीरसोई लेखक विज्ञान वार्ता विशेषांकहिंदी लिंक
साहित्य संगमसंस्मरणसाहित्य समाचार साहित्यिक निबंधस्वास्थ्य
हास्य व्यंग्य

 

रसोईघर— शाकाहारी मुगलई

दाल मक्खनी

6 लोगों के लिए
समय 45 मिनट

सामग्री
  • 250 ग्राम साबुत उड़द की दाल,
  • 20 ग्राम अदरक पिसा हुआ
  • 20 ग्राम लहसुन पिसा हुआ
  • 1बड़ा टमाटर बारीक कटा हुआ
  • हरी मिर्च बारीक कटी हुई स्वादानुसार
  • 1 बड़ा सफेद मक्खन
  • 2 बड़े चम्मच घी
  • 1 बड़ा चम्मच ज़ीरा,  1 बड़ा चम्मच धनिया, 5-6 काली मिर्च और एक बड़ी इलायची को कढ़ाई में सूखा भूनें। खुशबू आने पर ठंडा कर के पीस लें।
  • आधा चाय का प्याला क्रीम
  • हरा धनिया बारीक कटा हुआ
  • नमक स्वादानुसार

विधि  

  • उड़द की दाल साफ कर लें, इसे धोकर पूरी रात के लिए भिगो दें।
  • सुबह दाल को एक प्रेशर कुकर में नमक और पानी मिलाएँ के साथ आंच पर चढ़ाएँ। एक सीटी आ जाए तो बिलकुल धीमी आँच पर 10 मिनट तक रखें या दाल के गलने तक पकाएँ।
  • एक लकड़ी के करछुल से दाल को थोड़ा सा घोंट दें।
  • कड़ाही में घी गरम करें। प्याज़ गुलाबी तलें।
  • पिसे हुए अदरक और लहसुन को मिलाएँ और पक जाने तक धीमी आँच रखें।
  • दाल इसमें डालें और धीमी आँच पर 5 मिनट पकने दें।
  • टमाटर, हरी मिर्च और मक्खन डालकर ठीक से मिला लें।
  • 5 मिनट तक पकाने के बाद क्रीम और भुना हुआ मसाला मिलाएं फिर हिलाते हुए 10 मिनट और पकाएँ।
  • मक्खन और हरे धनिये के साथ सजाकर गरमागरम परोसें।

9 दिसंबर 2007

इस रचना पर अपनी प्रतिक्रिया लिखें - दूसरों की प्रतिक्रिया पढ़ें

Click here to send this site to a friend!

आज सिरहानेउपन्यासउपहारकहानियाँकला दीर्घाकविताएँगौरवगाथापुराने अंकनगरनामारचना प्रसंग
घर–परिवार दो पलनाटक परिक्रमापर्व–परिचय प्रकृतिपर्यटन प्रेरक प्रसंगप्रौद्योगिकी फुलवारीरसोई लेखक
विज्ञान वार्ताविशेषांकहिंदी लिंकसाहित्य संगमसंस्मरणसाहित्य समाचारसाहित्यिक निबंधस्वास्थ्य व्यंग्य

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह की 1–9–16 तथा 24 तारीख को परिवर्धित होती है।