शुषा लिपि
सहायता

अनुभूति

1. 5. 2003

आज सिरहानेआभारउपहारकहानियांकला दीर्घाकविताएंगौरवगाथाघर–परिवार
दो पल
परिक्रमापर्व–परिचयप्रकृतिपर्यटनप्रेरक प्रसंगफुलवारीरसोईलेखकलेखकों सेविज्ञान वार्ता
विशेषांक
शिक्षा–सूत्रसाहित्य संगमसंस्मरणसाहित्यिक निबंधस्वास्थ्यसंदर्भसंपर्क
हास्य व्यंग्य

कथा महोत्सव
2003

भारतवासी हिन्दी लेखकों की कहानियों
के संकलन 
माटी की गंध 
में प्रस्तुत है
ललितपुर से धीरेन्द्र प्रेमर्षि की कहानी
ककड़ी के बीज

विश्वास ही कर लेने की स्थिति तो कतई नहीं थी, फिर भी आशा की एक चिनगारी जरूर भड़क उठी थी मन में। इसीलिए पांच बजे के बाद रह–रहकर मेरी नज़रें खिड़की से बाहर जा सड़क पर बिछ जाती थीं। बीती रात तो उन्होंने कसम ही खा ली थी। वैसे तो शराबियों की कसमें क्या, वादे क्या? फिर भी बात–बात पर कसमें खाने की आदत उनमें न होने के कारण अनायास ही मैं आशावादी हो उठी कि हो सकता है ऑफिस से सीधे घर ही आ जायें।
°°°
पटना से प्रत्यक्षा की कहानी
दंश
कई बार विभु उससे कहता तैयार रहना किसी अच्छी सी जगह पर डिनर लेंगे और जब वो उस जगह के अनुरूप तैयार होती तो उसे हाईवे पर किसी ढाबे पर ले जाता जहां चारपायी और तख्त पर बैठ अपनी कीमती शिफान संभालती विभु को उंगलियां चाट कर खाना खाते देखती।
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इलाहाबाद से राजेन्द्र यादव की कहानी
अक्षय धन
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अहमदाबाद से आस्था की कहानी
मोहभंग
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चंडीगढ़ से डा नरेश की कहानी
ममता
!
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(अगली कहानी ःबृजेश कुमार शुक्ल
की अल्विदा क्रिस्टा)

 

इस सप्ताह

संस्मरण में
अनिल बिस्वास के संस्मरण
 
आज का संगीत दैहिक हो गया है

°

महानगर की कहानियों में
बसंत आर्य की लघुकथा
एक दर्द अपना सा

°
1

अनुभूति में

लंदन से 
गौतम सचदेव का
 नया नीति शतक
साथ में
विनोद तिवारी
एवं रियाध से
नीना मुखर्जी

°
कलादीर्घा में
कला और कलाकार के अंतर्गत
अब्दुल रहीम अप्पाभाई आलमेलकर 
अपनी दो कलाकृतियों के साथ

°

फुलवारी में
लावण्या शाह का बाल नाटक
एक पल : सर्वनाश से पहले
और पूर्णिमा वर्मन की कविता
तितली

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°

सप्ताह का विचार
म्रता और मीठे वचन ही मनुष्य के
आभूषण होते हैं। शेष सब नाममात्र 
के भूषण हैं। 
—संत तिरूवल्लुर

 

° पिछले अंकों से°

विज्ञान वार्ता में डा गुरूदयाल प्रदीप द्वारा प्रस्तुत इस माह के नये
विज्ञान समाचार
°

घर परिवार में
नीलम जैन का सत्कार को तैयार
 सुंदर घर
°

धारावाहिक में कृष्ण बिहारी की
आत्मकथा इस पार से उस पार से का
अगला भाग 
गिनकर गुज़ारे दिनों की ज़िन्दगी
°

हास्य–व्यंग्य में 
अलका चित्रांशी का आलेख
दाद ए बगदाद

°

पर्यटन में
डा सत्येन्द्र नाथ राय का आलेख 
कैनेडा में भारतीय मूल के निवासी
°

आज सिरहाने में 
गिरिराज किशोर का उपन्यास
जुगलबंदी
°

प्रेरक प्रसंग में
मानस त्रिपाठी की कलम से
प्रेरणाप्रद प्रसंग
लालच
°

सामयिकी में लंदन में गौतम सचदेव का आलेख तृतीय अंतर्राष्ट्रीय 
हिंदी सम्मेलन यूरोप
°

रसोईघर में
शाकाहारी मुगलई का मस्त ज़ायका
करारी कमाल भिन्डी
°

परिक्रमा में
लंदन पाती के अंतर्गत शैल अग्रवाल का आलेख
वसुधैव कुटुम्बकम
°
 

दिल्ली दरबार के अंतर्गत भारत से
बृजेश कुमार शुक्ला का लेख
प्रस्तुत हुआ नया बजट

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"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरूचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार 
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प्रकाशन : प्रवीन सक्सेना   परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
संपादन, कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन     
      सहयोग : दीपिका जोशी
तकनीकी सहयोग :प्रबुद्ध कालिया
  साहित्य संयोजन :बृजेश कुमार शुक्ला