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१. ४. २०२५ 

   

साहित्य और संस्कृति में-         

समकालीन कहानियों में
इस माह प्रस्तुत है- भारत से निरंजना किशोर
की कहानी
प्यार की भाषा

मैंने कहा, “राम-राम अम्मा!”, “राम-राम बहिनी!” उन्होंने जवाब दिया। ग्राहक आते रहते—कोई ‘राम-राम अम्मा’, तो कोई ‘नमस्ते अम्मा’, तो कोई ‘कैसे हो अम्मा’ पूछता और वह अपने हिसाब से सबके अभिवादन का जवाब देती।

रामचरण और उसकी अम्मा दोनों पार्क के बगल में सब्ज़ी का ठेला लगाते और सब्ज़ियाँ बेचते। वहाँ लाइन से कई सब्ज़ीवाले अपनी-अपनी ठेली लिए खड़े रहते, लेकिन रामचरण और उसकी अम्मा के सौम्य एवं मर्यादित व्यवहार के कारण उनके ठेले पर ही सारी भीड़ उमड़ती।

लोग पार्क से भ्रमण, योग, व्यायाम करके निकलते तो ताज़ी सब्ज़ियों पर नज़र पड़ ही जाती। दूसरी तरफ़ एक गाड़ीवाला अपनी गाड़ी में रस निकालने की मशीन रखकर रस निकालता। किसी को लौकी का रस पीना है, तो किसी को करेले का, तो किसी को गिलोय का। एक तरफ़ नारियलवाला खड़ा रहता।  ...आगे-

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मुक्ता पाठक से पुराण
प्रसंग- लक्ष्मण की जल-समाधि 
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पवन प्रजापति का आलेख
भारतीय संस्कृति में भगवा रंग
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कल्पना मनोरमा का
ललित निबंध- मर्यादा में बसते राम
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बच्चों के लिये फुलवारी में
मौसम की जानकारी बादल कैसे बनते हैं

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अनुभूति-में-
मंजुलता श्रीवास्तव, समीर द्विवेदी नितांत,  और दिनेश सिंह की रचनाएँ

स्थायी स्तंभों में-

गृह सज्जा में- सुंदर बैठक की बारह विशिष्ट शैलियों की शृंखला में इस माह- बैठक का अद्भुत शृंगार - काष्ठ-शिल्प के साथ रंगों के अनोखा संतुलन

रसोईघर में- हमारी रसोई संपादक शुचि अग्रवाल इस माह प्रस्तुत कर रही हैं- नवरात्र में व्रत के लिये विशेष रूप से तैयार - फलाहारी व्यंजन

बात फूलों की- वे बारह फूल जो विशेष अवसरों पर आपके केशों को सजाते हैं। इस अंक में प्रस्तुत है- मोगरा

स्वास्थ्य के अंतर्गत- वे बारह भोजन तो उच्चरक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। इस अंक में प्रस्तुत है- कीवी

बतरस से लिखवट तक - रतन मूलचंदानी के फोटो निबंध मेरा शहर और आसपास में इस माह चलते हैं- स्प्रिंगवेल कस्बा

गौरवशाली भारतीय- क्या आप जानते हैं कि अप्रैल महीने में कितने गौरवशाली भारतीय नागरिकों ने जन्म लिया? ...विस्तार से

नवगीत संग्रहों और संकलनों से परिचय की शृंखला में- रवि खण्डेलवाल के नवगीत संग्रह- कागज की देहरी पर का परिचय मनोहर अभय की कलम से।

वर्ग पहेली-३८४
गोपालकृष्ण-भट्ट-आकुल और
रश्मि आशीष के सहयोग से

हास परिहास
में पाठकों द्वारा भेजे गए चुटकुले

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"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह के पहले सप्ताह मे प्रकाशित होती है।

प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -|- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
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सहयोग : रतन मूलचंदानी
 पता-

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